• Fri. Nov 25th, 2022

Meal Plans – Popular Recipes | dinnermake.com

Using weekly meal plans is a great way to save money and cook healthier

आयशा अज़ीज़ ने देश का नाम किया रोशन, बनी सबसे कम उम्र की पायलेट दीजिए बधाई…

ByDinner Recipes

Aug 16, 2022

हमारी छोरी छोरो से कम है के ये तो डायलॉग अपने सुना होगा ।महिलाएं पुरूषों से कम नहीं है और इसका उदाहरण देश की कई बेटियां पेश भी कर चुकि हैं. अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए अब इस लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है-आयशा अजीज जम्मू-कश्मीर के कश्मीर संभाग की रहने वाली आयशा अजीज ने देश की सबसे कम उम्र की महिला पायलट के रूप में अपना नाम दर्ज करवा लिया है.

इसके साथ ही आयशा कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत और कई कश्मीरी महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का प्रतीक भी बन गई. पच्चीस वर्षीय आयशा को साल 2011 में महज 15 साल की उम्र में ही स्‍टूडेंट पायलट लाइसेंस मिल गया था.अगले साल उन्होंने रूस के सोकोल एयरबेस में MIG-29 जेट उड़ाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया। आयशा जब 16 साल की थी

तब से स्कूल में ही ट्रेनिंग लेने लगी थीं और साल 2017 में बॉम्बे फ्लाइंग क्लब से उन्हें कमर्शियल लाइसेंस मिल गया था। उन्होंने कहा, ‘मैंने यह क्षेत्र इसलिए चुना क्योंकि मुझे बहुत कम उम्र से ही यात्रा करना अच्छा लगता था और उड़ान मुझे बहुत रोमांचित करती थी. इतने सारे लोगों से मिलना हो जाता है. इसलिए मैं पायलट बनना चाहती थी. यह थोड़ा चुनौती भरा है, क्योंकि यह 9 से 5 बजे तक की डेस्क जॉब की तरह सामान्य नहीं है. कोई निश्चित पैटर्न नहीं है और मुझे लगातार नए स्थानों, विभिन्न प्रकार के मौसम का सामना करने और नए लोगों से मिलने के लिए तैयार रहना होगा.’

वह छोटी उम्र में ही फ्लाइंग क्लब से जुड़ गई। बेहद छोटी उम्र से ही वह अपने सपनों को पूरा करने की कोशिशों में लग गई। जब उनकी उम्र के बाकी बच्चे मस्ती करते थे, आयशा हफ्ते के 5 दिन स्कूल जाती थी और बाकी दो दिन फ्लाइंग क्लब में अपनी ट्रेनिंग। वह बताती हैं कि जब उन्होंने फ्लाइंग क्लब जॉइन किया था तब छह लोगों के अपने बैच में वह एकमात्र लड़की थीं। इतना ही नहीं, उनके बैच के बाकी सभी साथी उनसे इतने बड़े थे कि उन्हें समझ ही नहीं आता था कि वह उन्हें सर बुलाएं या अंकल।

आयशा के लिए यह सब कुछ चुनौती भरा तो था मगर इतना भी नहीं कि उनसे उनका सपना छीन लेता। ऐसे चुनौती भरे समय में भी उन्होंने बिना किसी डर के अपनी ट्रेनिंग पूरी करी और महज़ 16 साल की छोटी उम्र में ही अपना लाइसेंस प्राप्त किया।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आयशा अजीज ने कहा कि उनका मानना है कि कश्मीरी महिलाओं ने पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति की है और शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण रूप से अच्छा किया है। उन्होंने कहा, ‘ मुझे लगता है कि कश्मीरी महिलाएं अच्छा कर रही हैं, खासकर शिक्षा के क्षेत्र में। कश्मीर की हर दूसरी महिला अपने परास्नातक या डॉक्टरेट कर रही है। घाटी के लोग बहुत अच्छा कर रहे हैं।’